चलत बिमान कोलाहल होई

चौपाई २, दोहा ११९ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड

चौपाई पाठ

चलत बिमान कोलाहल होई। जय रघुबीर कहइ सबु कोई॥ सिंहासन अति उच्च मनोहर। श्री समेत प्रभु बैठे ता पर॥ २ ॥

अर्थ

विमान के चलते समय बड़ा शोर हो रहा है। सब कोई श्रीरघुवीर की जय कह रहे हैं। विमान में एक अत्यन्त ऊँचा मनोहर सिंहासन है। उस पर सीताजी सहित प्रभु श्रीरामचन्द्रजी विराजमान हो गये।

संदर्भ

यह लंकाकाण्ड के “पुष्पक विमान से अयोध्या प्रस्थान” प्रकरण का चौपाई २, दोहा ११९ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीसीता-रामजी का पुष्पक विमान पर आरूढ़ होकर अयोध्या की ओर आनंदमयी प्रस्थान का वर्णन है।

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पुष्पक विमान से अयोध्या प्रस्थान