ब्याकुल कटकु कीन्ह घननादा

चौपाई २, दोहा ७४ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड

चौपाई पाठ

ब्याकुल कटकु कीन्ह घननादा। पुनि भा प्रगट कहइ दुर्बादा॥ जामवंत कह खल रहु ठाढ़ा। सुनि करि ताहि क्रोध अति बाढ़ा॥ २ ॥

अर्थ

मेघनाद ने कटक को व्याकुल कर दिया। फिर वह प्रगट हो गया और दुर्बाद कहने लगा। इस पर जामवंत ने कहा—अरे खल! खड़ा रह। यह सुनकर उसे क्रोध अति बढ़ा।

संदर्भ

यह लंकाकाण्ड के “मेघनाद का राम को नागपाश में बाँधना” प्रकरण का चौपाई २, दोहा ७४ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में मेघनाद के मायावी युद्ध और रामजी के लीला से नागपाश में बँधने का वर्णन है।

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मेघनाद का राम को नागपाश में बाँधना