बिस्वरूप रघुबंस मनि करहु बचन बिस्वासु

दोहा १४ · लंकाकाण्ड

दोहा पाठ

बिस्वरूप रघुबंस मनि करहु बचन बिस्वासु। लोक कल्पना बेद कर अंग अंग प्रति जासु॥ १४ ॥

अर्थ

मेरे इन वचनों पर विश्वास कीजिये कि वे रघुकुल के शिरोमणि श्रीरामचन्द्रजी विश्वरूप हैं-- (यह सारा विश्व उन्हीं का रूप है) वेद जिनके अंग-अंग की कल्पना करते हैं।

संदर्भ

यह लंकाकाण्ड के “मंदोदरी का राम-महिमा कथन” प्रकरण का दोहा १४ है। इस प्रकरण में मंदोदरी द्वारा रावण को श्रीराम की दिव्य महिमा बताकर वैर छोड़ने की विनती का वर्णन है।

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मंदोदरी का राम-महिमा कथन