बिहँसा नारि बचन सुनि काना
बिहँसा नारि बचन सुनि काना
चौपाई १, दोहा १६ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड
चौपाई पाठ
बिहँसा नारि बचन सुनि काना। अहो मोह महिमा बलवाना॥ नारि सुभाउ सत्य सब कहहीं। अवगुन आठ सदा उर रहहीं॥ १ ॥
अर्थ
पत्नी के वचन कानों से सुनकर रावण खूब हँसा [और बोला--] अहो! मोह (अज्ञान) की महिमा बड़ी बलवान है! स्त्री का स्वभाव सब सत्य ही कहते हैं कि उसके हृदय में आठ अवगुण सदा रहते हैं--।
संदर्भ
यह लंकाकाण्ड के “मंदोदरी का राम-महिमा कथन” प्रकरण का चौपाई १, दोहा १६ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में मंदोदरी द्वारा रावण को श्रीराम की दिव्य महिमा बताकर वैर छोड़ने की विनती का वर्णन है।
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मंदोदरी का राम-महिमा कथन