भंजेउ रथ सारथी निपाता
भंजेउ रथ सारथी निपाता
चौपाई ४, दोहा ४३ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड
चौपाई पाठ
भंजेउ रथ सारथी निपाता। ताहि हृदय महुँ मारेसि लाता॥ दुसरें सूत बिकल तेहि जाना। स्यंदन घालि तुरत गृह आना॥ ४ ॥
अर्थ
रथ तोड़ डाला, सारथी को मार गिराया और मेघनाद की छाती में लात मारी। दूसरा सारथि मेघनाद को व्याकुल जानकर, उसे रथ में डालकर, तुरंत घर ले आया।
संदर्भ
यह लंकाकाण्ड के “युद्धारम्भ” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा ४३ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में वानर और राक्षस सेनाओं के बीच लंका के महासंग्राम के आरंभ का वर्णन है।
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युद्धारम्भ