अंगद सुना पवनसुत गढ़ पर गयउ

दोहा ४३ · लंकाकाण्ड

दोहा पाठ

अंगद सुना पवनसुत गढ़ पर गयउ अकेल। रन बाँकुरा बालिसुत तरकि चढ़ेउ कपि खेल॥ ४३ ॥

अर्थ

इधर अंगद ने सुना कि पवनपुत्र हनुमान् किले पर अकेले ही गये हैं, तो रण में बाँकुरे बालिसुत वानर के खेल की तरह उछलकर किले पर चढ़ गये।

संदर्भ

यह लंकाकाण्ड के “युद्धारम्भ” प्रकरण का दोहा ४३ है। इस प्रकरण में वानर और राक्षस सेनाओं के बीच लंका के महासंग्राम के आरंभ का वर्णन है।

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युद्धारम्भ