बंधु बंस तैं कीन्ह उजागर
बंधु बंस तैं कीन्ह उजागर
चौपाई ५, दोहा ६४ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड
चौपाई पाठ
बंधु बंस तैं कीन्ह उजागर। भजेहु राम सोभा सुख सागर॥ ५ ॥
अर्थ
हे भाई! तूने अपने कुल को देदीप्यमान कर दिया, शोभा और सुख के सागर श्रीरामजी को भजकर।
संदर्भ
यह लंकाकाण्ड के “कुंभकर्ण का जागना और उपदेश” प्रकरण का चौपाई ५, दोहा ६४ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में रावण द्वारा कुंभकर्ण को जगाने, उसके कठोर उपदेश और विभीषण से सार्थक संवाद का वर्णन है।
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कुंभकर्ण का जागना और उपदेश