बलिहि जितन एक गयउ पताला

चौपाई ७, दोहा २४ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड

चौपाई पाठ

बलिहि जितन एक गयउ पताला। राखेउ बाँधि सिसुन्ह हयसाला॥ खेलहिं बालक मारहिं जाई। दया लागि बलि दीन्ह छोड़ाई॥ ७ ॥

अर्थ

एक रावण तो बली को जीतने पाताल में गया था, तब बच्चों ने उसे घुड़साल में बाँध रखा। बालक खेलते थे और जा-जाकर उसे मारते थे। बली को दया लगी, तब उन्होंने उसे छुड़ा दिया।

संदर्भ

यह लंकाकाण्ड के “अंगद का लंका में रावण से संवाद” प्रकरण का चौपाई ७, दोहा २४ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में अंगद का लंका की सभा में रावण को सीता लौटाने और राम की शरण लेने का अंतिम अवसर देने का वर्णन है।

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अंगद का लंका में रावण से संवाद