बै देहि अनुज समेत
बै देहि अनुज समेत
छन्द ८, दोहा ११३ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड
छन्द पाठ
बैदेहि अनुज समेत। मम हृदयँ करहु निकेत॥ मोहि जानिऐ निज दास। दे भक्ति रमानिवास॥ ८ ॥
अर्थ
श्रीजानकीजी और छोटे भाई लक्ष्मणजी सहित मेरे हृदय में अपना घर बनाइये। हे रमानिवास! मुझे अपना दास समझिये और अपनी भक्ति दीजिये।
संदर्भ
यह लंकाकाण्ड के “देवताओं की स्तुति, इन्द्र की अमृत वर्षा” प्रकरण का छन्द ८, दोहा ११३ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में देवताओं की राम-स्तुति और इन्द्र द्वारा अमृत वर्षा से वानर-भालुओं का पुनर्जीवन का वर्णन है।
पूरा प्रकरण पढ़ें
पूरा प्रकरण पढ़ें
देवताओं की स्तुति, इन्द्र की अमृत वर्षा