अस कहि छाड़ेसि बान प्रचंडा

चौपाई २, दोहा ८३ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड

चौपाई पाठ

अस कहि छाड़ेसि बान प्रचंडा। लछिमन किए सकल सत खंडा॥ कोटिन्ह आयुध रावन डारे। तिल प्रवान करि काटि निवारे॥ २ ॥

अर्थ

ऐसा कहकर उसने प्रचंड बाण छोड़े। लक्ष्मणजी ने सबके सैकड़ों टुकड़े कर डाले। रावण ने करोड़ों अस्त्र-शस्त्र चलाये। लक्ष्मणजी ने उनको तिल के बराबर करके काटकर हटा दिया।

संदर्भ

यह लंकाकाण्ड के “लक्ष्मण-रावण युद्ध” प्रकरण का चौपाई २, दोहा ८३ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में लक्ष्मण और रावण के बीच भीषण युद्ध तथा अस्त्र-शस्त्रों के प्रचंड प्रहार का वर्णन है।

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लक्ष्मण-रावण युद्ध