अरुन नयन बारिद तनु स्यामा

चौपाई ५, दोहा ८६ के अंतर्गत · लंकाकाण्ड

चौपाई पाठ

अरुन नयन बारिद तनु स्यामा। अखिल लोक लोचनाभिरामा॥ कटितट परिकर कस्यो निषंगा। कर कोदंड कठिन सारंगा॥ ५ ॥

अर्थ

लाल नेत्र और मेघ के समान श्याम शरीर वाले तथा सम्पूर्ण लोकों के नेत्रों को आनन्द देनेवाले हैं। प्रभु ने कमर में फेंट तथा तरकस कस लिया और हाथ में कठोर सारंग धनुष ले लिया।

संदर्भ

यह लंकाकाण्ड के “रावण की मूर्च्छा, राम-रावण युद्ध” प्रकरण का चौपाई ५, दोहा ८६ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में रावण की मूर्च्छा, उसके यज्ञ के विध्वंस और राम-रावण के प्रचंड युद्ध का वर्णन है।

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रावण की मूर्च्छा, राम-रावण युद्ध