उपरोहितहि भवन पहुँचाई

चौपाई २, दोहा १७५ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

उपरोहितहि भवन पहुँचाई। असुर तापसहि खबरि जनाई॥ तेहिं खल जहँ तहँ पत्र पठाए। सजि सजि सेन भूप सब धाए॥ २ ॥

अर्थ

पुरोहित को उसके घर पहुँचाकर असुर (कालकेतु) ने [कपटी] तपस्वी को खबर दी। उस दुष्ट ने जहाँ-तहाँ पत्र भेजे, जिससे सब [वैरी] राजा सेना सजा-सजाकर [चढ़] दौड़े।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “प्रतापभानु की कथा” प्रकरण का चौपाई २, दोहा १७५ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में राजा प्रतापभानु के छल द्वारा विपथित होने और ब्राह्मण-शाप से उनके विनाश का वर्णन है।

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प्रतापभानु की कथा