घेरेन्हि नगर निसान बजाई
घेरेन्हि नगर निसान बजाई
चौपाई ३, दोहा १७५ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
घेरेन्हि नगर निसान बजाई। बिबिध भाँति नित होइ लराई॥ जूझे सकल सुभट करि करनी। बंधु समेत परेउ नृप धरनी॥ ३ ॥
अर्थ
और उन्होंने डंका बजाकर नगर को घेर लिया। नित्यप्रति अनेक प्रकार से लड़ाई होने लगी। [प्रतापभानु के] सब योद्धा [शूरवीरों की] करनी करके रण में जूझ मरे। राजा भी भाई सहित खेत रहा।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “प्रतापभानु की कथा” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा १७५ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में राजा प्रतापभानु के छल द्वारा विपथित होने और ब्राह्मण-शाप से उनके विनाश का वर्णन है।
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प्रतापभानु की कथा