तुरत भवन आए गिरिराई
तुरत भवन आए गिरिराई
चौपाई १, दोहा १०३ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
तुरत भवन आए गिरिराई। सकल सैल सर लिए बोलाई॥ आदर दान बिनय बहुमाना। सब कर बिदा कीन्ह हिमवाना॥ १ ॥
अर्थ
पर्वतराज हिमाचल तुरंत घर आये और उन्होंने सब पर्वतों और सरोवरों को बुलाया। हिमवान् ने आदर, दान, विनय और बहुत सम्मानपूर्वक सबकी विदाई की।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “शिवजी का विवाह” प्रकरण का चौपाई १, दोहा १०३ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में शिव-पार्वती के दिव्य विवाह और समस्त लोकों में उत्सव का वर्णन है।
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शिवजी का विवाह