तुम्ह परिपूरन काम जान सिरोमनि भावप्रिय
तुम्ह परिपूरन काम जान सिरोमनि भावप्रिय
सोरठा ३३६ · बालकाण्ड
सोरठा पाठ
तुम्ह परिपूरन काम जान सिरोमनि भावप्रिय। जन गुन गाहक राम दोष दलन करुनायतन॥ ३३६ ॥
अर्थ
तुम्ह पूर्णकाम हो, सुजानशिरोमणि हो और भावप्रिय हो (तुम्हें प्रेम प्यारा है)। हे राम! तुम भक्तोंके गुणोंको ग्रहण करनेवाले, दोषोंको नाश करनेवाले और दयाके धाम हो।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “श्रीसीता-राम विवाह” प्रकरण का सोरठा ३३६ है। इस प्रकरण में श्रीसीता-राम सहित चारों राजकुमारों के विवाह और जनकपुर के मंगलमय उत्सव का वर्णन है।
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श्रीसीता-राम विवाह