तेहि अवसर नारद सहित अरु रिषि
तेहि अवसर नारद सहित अरु रिषि
दोहा ९७ · बालकाण्ड
दोहा पाठ
तेहि अवसर नारद सहित अरु रिषि सप्त समेत। समाचार सुनि तुहिनगिरि गवने तुरत निकेत॥ ९७ ॥
अर्थ
इस समाचार को सुनते ही हिमाचल उसी समय नारदजी और सप्तर्षियों को साथ लेकर अपने घर गये।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “शिवजी की विचित्र बारात” प्रकरण का दोहा ९७ है। इस प्रकरण में शिवजी की विचित्र बारात और हिमवान के घर विवाह की मंगल तैयारी का वर्णन है।
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शिवजी की विचित्र बारात