तब नारद सबही समुझावा

चौपाई १, दोहा ९८ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

तब नारद सबही समुझावा। पूरुब कथाप्रसंगु सुनावा॥ मयना सत्य सुनहु मम बानी। जगदंबा तव सुता भवानी॥ १ ॥

अर्थ

तब नारदजी ने पूर्व जन्म की कथा सुनाकर सबको समझाया [और कहा] कि हे मैना! तुम मेरी सच्ची बात सुनो, तुम्हारी यह लड़की साक्षात् जगज्जननी भवानी है।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “शिवजी की विचित्र बारात” प्रकरण का चौपाई १, दोहा ९८ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में शिवजी की विचित्र बारात और हिमवान के घर विवाह की मंगल तैयारी का वर्णन है।

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शिवजी की विचित्र बारात