तातें मैं तोहि बरजउँ राजा

चौपाई १, दोहा १६६ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

तातें मैं तोहि बरजउँ राजा। कहें कथा तव परम अकाजा॥ छठें श्रवन यह परत कहानी। नास तुम्हार सत्य मम बानी॥ १ ॥

अर्थ

हे राजन्! मैं तुमको इसलिये मना करता हूँ कि इस प्रसंग को कहने से तुम्हारी बड़ी हानि होगी। छठे कान में यह बात पड़ते ही तुम्हारा नाश हो जायगा, मेरा यह वचन सत्य जानना।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “प्रतापभानु की कथा” प्रकरण का चौपाई १, दोहा १६६ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में राजा प्रतापभानु के छल द्वारा विपथित होने और ब्राह्मण-शाप से उनके विनाश का वर्णन है।

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प्रतापभानु की कथा