तब ब्रह्माँ धरनिहि समुझावा
तब ब्रह्माँ धरनिहि समुझावा
चौपाई ५, दोहा १८७ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
तब ब्रह्माँ धरनिहि समुझावा। अभय भई भरोस जियँ आवा॥ ५ ॥
अर्थ
तब ब्रह्माजी ने धरती को समझाया। वह भी निर्भय हुई और उसके जी में भरोसा आ गया।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “भगवान का वरदान” प्रकरण का चौपाई ५, दोहा १८७ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में भगवान द्वारा रघुकुल में अवतार लेने के वरदान और देवताओं को मिली शांति का वर्णन है।
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भगवान का वरदान