तब आपन प्रभाउ बिस्तारा
तब आपन प्रभाउ बिस्तारा
चौपाई ३, दोहा ८४ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
तब आपन प्रभाउ बिस्तारा। निज बस कीन्ह सकल संसारा॥ कोपेउ जबहिं बारिचरकेतू। छन महुँ मिटे सकल श्रुति सेतू॥ ३ ॥
अर्थ
तब उसने अपना प्रभाव फैलाया और समस्त संसार को अपने वश में कर लिया। जिस समय उस मछलीके चिह्न वाले ध्वजवाले कामदेव ने कोप किया, उस समय क्षणभर में ही वेदों की सारी मर्यादा मिट गयी।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “कामदेव का भस्म होना” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा ८४ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में कामदेव का शिव की तपस्या भंग करने हेतु प्रस्थान और शिव के क्रोध से उनका भस्म का वर्णन है।
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कामदेव का भस्म होना