ब्रह्मचर्ज ब्रत संजम नाना

चौपाई ४, दोहा ८४ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

ब्रह्मचर्ज ब्रत संजम नाना। धीरज धरम ग्यान बिग्याना॥ सदाचार जप जोग बिरागा। सभय बिबेक कटकु सबु भागा॥ ४ ॥

अर्थ

ब्रह्मचर्य, व्रत, संयम, नाना प्रकार के धीरज, धर्म, ज्ञान, विज्ञान, सदाचार, जप, योग, वैराग्य, सभी विवेक की सेना डरकर भाग गयी।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “कामदेव का भस्म होना” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा ८४ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में कामदेव का शिव की तपस्या भंग करने हेतु प्रस्थान और शिव के क्रोध से उनका भस्म का वर्णन है।

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कामदेव का भस्म होना