सुनु गिरिजा हरिचरित सुहाए

चौपाई १, दोहा १२१ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

सुनु गिरिजा हरिचरित सुहाए। बिपुल बिसद निगमागम गाए॥ हरि अवतार हेतु जेहि होई। इदमित्थं कहि जाइ न सोई॥ १ ॥

अर्थ

हे पार्वती! सुनो, वेद-शास्त्रों ने श्रीहरि के सुन्दर, विस्तृत और निर्मल चरित्रों का गान किया है। हरि के अवतार का जिस कारण से होता है, वह कारण “बस यही है' ऐसा नहीं कहा जा सकता (अनेकों कारण हो सकते हैं और ऐसे भी हो सकते हैं जिन्हें कोई जान ही नहीं सकता)।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “श्रीरामावतार के हेतु” प्रकरण का चौपाई १, दोहा १२१ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीरामावतार के कारणों और रावण-कुम्भकर्ण के जन्म के हेतु का वर्णन है।

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श्रीरामावतार के हेतु