हरि गुन नाम अपार कथा रूप

सोरठा १२० (घ) · बालकाण्ड

सोरठा पाठ

हरि गुन नाम अपार कथा रूप अगनित अमित। मैं निज मति अनुसार कहउँ उमा सादर सुनहु॥ १२० (घ) ॥

अर्थ

श्रीहरि के गुण, नाम, कथा और रूप सभी अपार, अगणित और असीम हैं। फिर भी हे पार्वती! मैं अपनी बुद्धि के अनुसार कहता हूँ, तुम आदरपूर्वक सुनो।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “श्रीरामावतार के हेतु” प्रकरण का सोरठा १२० (घ) है। इस प्रकरण में श्रीरामावतार के कारणों और रावण-कुम्भकर्ण के जन्म के हेतु का वर्णन है।

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श्रीरामावतार के हेतु