सुनि नारद के बचन तब सब

दोहा ९८ · बालकाण्ड

दोहा पाठ

सुनि नारद के बचन तब सब कर मिटा बिषाद। छन महुँ ब्यापेउ सकल पुर घर घर यह संबाद॥ ९८ ॥

अर्थ

तब नारद के वचन सुनकर सबका विषाद मिट गया और क्षणभर में यह समाचार सारे नगर में घर-घर फैल गया।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “शिवजी की विचित्र बारात” प्रकरण का दोहा ९८ है। इस प्रकरण में शिवजी की विचित्र बारात और हिमवान के घर विवाह की मंगल तैयारी का वर्णन है।

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शिवजी की विचित्र बारात