सुनि मारीच निसाचर क्रोही
सुनि मारीच निसाचर क्रोही
चौपाई २, दोहा २१० के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
सुनि मारीच निसाचर क्रोही। लै सहाय धावा मुनिद्रोही॥ बिनु फर बान राम तेहि मारा। सत जोजन गा सागर पारा॥ २ ॥
अर्थ
यह समाचार सुनकर मुनियों का शत्रु क्रोधी राक्षस मारीच अपने सहायकों को लेकर दौड़ा। श्रीरामजी ने बिना फल वाला बाण उसको मारा, जिससे वह सौ योजन के समुद्र पार जा गिरा।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा” प्रकरण का चौपाई २, दोहा २१० के अंतर्गत है। इस प्रकरण में राम द्वारा ताड़का-वध, सुबाहु-मारीच परास्त और विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा का वर्णन है।
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विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा