सुनि हरषीं सब सखीं सयानी
सुनि हरषीं सब सखीं सयानी
चौपाई २, दोहा २२९ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
सुनि हरषीं सब सखीं सयानी। सिय हियँ अति उतकंठा जानी॥ एक कहइ नृपसुत तेइ आली। सुने जे मुनि सँग आए काली॥ २ ॥
अर्थ
यह सुनकर और सीताजी के हृदय में बड़ी उत्कंठा जानकर सब सयानी सखियाँ प्रसन्न हुईं। तब एक सखी कहने लगी--हे सखी! ये वही राजकुमार हैं जो सुना है कि कल मुनि के साथ आए थे।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “पुष्पवाटिका में सीताराम का मिलन” प्रकरण का चौपाई २, दोहा २२९ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में पुष्पवाटिका में श्रीसीताराम का परस्पर प्रथम दर्शन और मिलन का वर्णन है।
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पुष्पवाटिका में सीताराम का मिलन