सुनहु सभासद सकल मुनिंदा
सुनहु सभासद सकल मुनिंदा
चौपाई १, दोहा ६४ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
सुनहु सभासद सकल मुनिंदा। कही सुनी जिन्ह संकर निंदा॥ सो फलु तुरत लहब सब काहूँ। भली भाँति पछिताब पिताहूँ॥ १ ॥
अर्थ
हे सभासदो और सभी मुनीश्वरों! सुनो। जिन लोगों ने यहाँ शिवजी की निंदा की या सुनी है, उन सबको उसका फल तुरंत ही मिलेगा और मेरे पिता दक्ष भी भली भाँति पछतायेंगे।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “सती का देहत्याग, दक्ष यज्ञ विध्वंस” प्रकरण का चौपाई १, दोहा ६४ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में सती का योगाग्नि में देहत्याग और वीरभद्र द्वारा दक्ष यज्ञ के विध्वंस का वर्णन है।
पूरा प्रकरण पढ़ें
पूरा प्रकरण पढ़ें
सती का देहत्याग, दक्ष यज्ञ विध्वंस