सो केवल भगतन हित लागी
सो केवल भगतन हित लागी
चौपाई ३, दोहा १३ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
सो केवल भगतन हित लागी। परम कृपाल प्रनत अनुरागी॥ जेहि जन पर ममता अति छोहू। जेहिं करुना करि कीन्ह न कोहू॥ ३ ॥
अर्थ
वह लीला केवल भक्तों के हित के लिये ही है; क्योंकि भगवान् परम कृपालु हैं और शरणागत के बड़े प्रेमी हैं। जिनकी भक्तों पर बड़ी ममता और कृपा है, जिन्होंने एक बार जिस पर कृपा कर दी, उस पर फिर कभी क्रोध नहीं किया।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “तुलसीदास की दीनता और भक्तिकविता” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा १३ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में तुलसीदासजी की दीनता, प्रभु-कृपा पर निर्भरता और रामभक्तिमयी कविता की पवित्र महिमा का वर्णन है।
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तुलसीदास की दीनता और भक्तिकविता