सो जेवनार कि जाइ बखानी

चौपाई ३, दोहा ९९ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

सो जेवनार कि जाइ बखानी। बसहिं भवन जेहिं मातु भवानी॥ सादर बोले सकल बराती। बिष्नु बिरंचि देव सब जाती॥ ३ ॥

अर्थ

जिस घर में स्वयं माता भवानी रहती हों, उस जेवनार का वर्णन कैसे किया जा सकता है? हिमाचल ने आदरपूर्वक सब बरातियों को—विष्णु, ब्रह्मा और सब जाति के देवताओं को—बुलाया।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “शिवजी की विचित्र बारात” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा ९९ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में शिवजी की विचित्र बारात और हिमवान के घर विवाह की मंगल तैयारी का वर्णन है।

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शिवजी की विचित्र बारात