सो अवसर बिरंचि जब जाना

चौपाई ३, दोहा १९१ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

सो अवसर बिरंचि जब जाना। चले सकल सुर साजि बिमाना॥ गगन बिमल संकुल सुर जूथा। गावहिं गुन गंधर्ब बरूथा॥ ३ ॥

अर्थ

जब ब्रह्माजीने वह (भगवान्‌के प्रकट होनेका) अवसर जाना तब [उनके समेत] सारे देवता विमान सजा-सजाकर चले। निर्मल आकाश देवताओंके समूहोंसे भर गया। गन्धर्वोके दल गुणोंका गान करने लगे।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “दशरथ का पुत्रेष्टि यज्ञ” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा १९१ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में राजा दशरथ के पुत्रेष्टि यज्ञ और रानियों के गर्भवती होने का वर्णन है।

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दशरथ का पुत्रेष्टि यज्ञ