सीय चलत ब्याकुल पुरबासी

चौपाई २, दोहा ३३९ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

सीय चलत ब्याकुल पुरबासी। होहिं सगुन सुभ मंगल रासी॥ भूसुर सचिव समेत समाजा। संग चले पहुँचावन राजा॥ २ ॥

अर्थ

सीताजी के चलते समय जनकपुरवासी व्याकुल हो गये। हो रहे हैं शुभ मंगल की राशि। ब्राह्मण और मन्त्रियों के समाज सहित राजा जनकजी उन्हें पहुँचाने के लिये साथ चले।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “श्रीसीता-राम विवाह” प्रकरण का चौपाई २, दोहा ३३९ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीसीता-राम सहित चारों राजकुमारों के विवाह और जनकपुर के मंगलमय उत्सव का वर्णन है।

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श्रीसीता-राम विवाह