समय बिलोकि बाजने बाजे

चौपाई ३, दोहा ३३९ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

समय बिलोकि बाजने बाजे। रथ गज बाजि बरातिन्ह साजे॥ दसरथ बिप्र बोलि सब लीन्हे। दान मान परिपूरन कीन्हे॥ ३ ॥

अर्थ

समय देखकर बाजे बजने लगे। बरातियों ने रथ, हाथी और घोड़े सजाये। दशरथजी ने सब ब्राह्मणों को बुला लिया और उन्हें दान और सम्मान से परिपूर्ण कर दिया।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “श्रीसीता-राम विवाह” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा ३३९ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीसीता-राम सहित चारों राजकुमारों के विवाह और जनकपुर के मंगलमय उत्सव का वर्णन है।

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श्रीसीता-राम विवाह