सिव अनुसासन सुनि सब आए
सिव अनुसासन सुनि सब आए
चौपाई ३, दोहा ९३ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
सिव अनुसासन सुनि सब आए। प्रभु पद जलज सीस तिन्ह नाए॥ नाना बाहन नाना बेषा। बिहसे सिव समाज निज देखा॥ ३ ॥
अर्थ
शिवजी की आज्ञा सुनते ही सब चले आये और उन्होंने स्वामी के चरणकमलों में सिर नवाया। तरह-तरह की सवारियों और तरह-तरह के वेष वाले अपने समाज को देखकर शिवजी हँसे।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “देवताओं की प्रार्थना, सप्तर्षि पार्वती के पास” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा ९३ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में देवताओं की शिव से विवाह-प्रार्थना और सप्तर्षियों के पार्वती के पास जाने का वर्णन है।
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देवताओं की प्रार्थना, सप्तर्षि पार्वती के पास