सौरभ पल्लव मदनु बिलोका
सौरभ पल्लव मदनु बिलोका
चौपाई ३, दोहा ८७ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
सौरभ पल्लव मदनु बिलोका। भयउ कोपु कंपेउ त्रैलोका॥ तब सिवँ तीसर नयन उघारा। चितवत कामु भयउ जरि छारा॥ ३ ॥
अर्थ
जब आम के पत्तों में [छिपे हुए] कामदेव को देखा, तो उन्हें बड़ा क्रोध हुआ, जिससे तीनों लोक काँप उठे। तब शिवजी ने तीसरा नेत्र खोला, उनके देखते ही कामदेव जलकर भस्म हो गया।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “कामदेव का भस्म होना” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा ८७ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में कामदेव का शिव की तपस्या भंग करने हेतु प्रस्थान और शिव के क्रोध से उनका भस्म का वर्णन है।
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कामदेव का भस्म होना