समाचार कहि जनक सुनाए
समाचार कहि जनक सुनाए
चौपाई १, दोहा २७० के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
समाचार कहि जनक सुनाए। जेहि कारन महीप सब आए॥ सुनत बचन फिरि अनत निहारे। देखे चापखंड महि डारे॥ १ ॥
अर्थ
जिस कारण सब राजा आये थे, राजा जनक ने वे सब समाचार कह सुनाये। जनक के वचन सुनकर परशुरामजी ने फिरकर दूसरी ओर देखा तो धनुष के टुकड़े पृथ्वी पर पड़े हुए दिखायी दिये।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “जयमाल पहनाना” प्रकरण का चौपाई १, दोहा २७० के अंतर्गत है। इस प्रकरण में धनुषभंग के बाद सीता द्वारा श्रीराम को जयमाल अर्पण और देवताओं की पुष्पवर्षा का वर्णन है।
पूरा प्रकरण पढ़ें
पूरा प्रकरण पढ़ें
जयमाल पहनाना