सम प्रकास तम पाख दुहुँ नाम
सम प्रकास तम पाख दुहुँ नाम
दोहा ७ (ख) · बालकाण्ड
दोहा पाठ
सम प्रकास तम पाख दुहुँ नाम भेद बिधि कीन्ह। ससि सोषक पोषक समुझि जग जस अपजस दीन्ह॥ ७ (ख) ॥
अर्थ
महीने के दोनों पखवाड़ों में उजियाला और अँधेरा समान ही रहता है, परन्तु विधाता ने इनके नाम में भेद कर दिया है (एक का नाम शुक्ल और दूसरे का नाम कृष्ण रख दिया)। एक को चन्द्रमा का बढ़ाने वाला और दूसरे को उसका घटाने वाला समझकर जगत् ने एक को सुयश और दूसरे को अपयश दे दिया।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “संत असंत वन्दना” प्रकरण का दोहा ७ (ख) है। इस प्रकरण में संत और असंत के स्वभाव तथा गुण-दोष के भेद का सूक्ष्म विवेचन का वर्णन है।
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संत असंत वन्दना