सदा सुमन फल सहित सब द्रुम
सदा सुमन फल सहित सब द्रुम
दोहा ६५ · बालकाण्ड
दोहा पाठ
सदा सुमन फल सहित सब द्रुम नव नाना जाति। प्रगटीं सुंदर सैल पर मनि आकर बहु भाँति॥ ६५ ॥
अर्थ
उस सुन्दर पर्वत पर बहुत प्रकार के सब नये-नये वृक्ष सदा पुष्प-फलयुक्त हो गये और वहाँ बहुत तरह की मणियों की खानें प्रकट हो गयीं।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “पार्वती का जन्म और तपस्या” प्रकरण का दोहा ६५ है। इस प्रकरण में सती के पार्वती रूप में जन्म और शिव-प्राप्ति हेतु कठोर तपस्या का वर्णन है।
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पार्वती का जन्म और तपस्या