जब तें उमा सैल गृह जाईं
जब तें उमा सैल गृह जाईं
चौपाई ४, दोहा ६५ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
जब तें उमा सैल गृह जाईं। सकल सिद्धि संपति तहँ छाईं॥ जहँ तहँ मुनिन्ह सुआश्रम कीन्हे। उचित बास हिम भूधर दीन्हे॥ ४ ॥
अर्थ
जब से उमाजी हिमाचल के घर जन्मीं तब से वहाँ सारी सिद्धियाँ और सम्पत्तियाँ छा गयीं। मुनियों ने जहाँ-तहाँ सुन्दर आश्रम बना लिये और हिमाचल ने उनको उचित स्थान दिये।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “पार्वती का जन्म और तपस्या” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा ६५ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में सती के पार्वती रूप में जन्म और शिव-प्राप्ति हेतु कठोर तपस्या का वर्णन है।
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पार्वती का जन्म और तपस्या