सबरी गीध सुसेवकनि सुगति दीन्हि रघुनाथ

दोहा २४ · बालकाण्ड

दोहा पाठ

सबरी गीध सुसेवकनि सुगति दीन्हि रघुनाथ। नाम उधारे अमित खल बेद बिदित गुन गाथ॥ २४ ॥

अर्थ

श्रीरघुनाथजी ने तो शबरी, गीध आदि उत्तम सेवकों को ही मुक्ति दी; परन्तु नाम ने अगणित दुष्टों का उद्धार किया। नाम के गुणों की कथा वेदों में प्रसिद्ध है।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “रामनाम की महिमा” प्रकरण का दोहा २४ है। इस प्रकरण में रामनाम की सर्वोच्च महिमा और कलियुग में नाम-स्मरण के कल्याणकारी प्रभाव का वर्णन है।

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रामनाम की महिमा