राम सुकंठ बिभीषन दोऊ

चौपाई १, दोहा २५ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

राम सुकंठ बिभीषन दोऊ। राखे सरन जान सबु कोऊ॥ नाम गरीब अनेक नेवाजे। लोक बेद बर बिरिद बिराजे॥ १ ॥

अर्थ

श्रीरामजी ने सुग्रीव और विभीषण दो को ही अपनी शरण में रखा, यह सब कोई जानते हैं; परंतु नाम ने अनेक गरीबों पर कृपा की है। नाम का यह सुन्दर विरद लोक और वेद में विशेष रूप से प्रकाशित है।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “रामनाम की महिमा” प्रकरण का चौपाई १, दोहा २५ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में रामनाम की सर्वोच्च महिमा और कलियुग में नाम-स्मरण के कल्याणकारी प्रभाव का वर्णन है।

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रामनाम की महिमा