सब मंचन्ह तें मंचु एक सुंदर
सब मंचन्ह तें मंचु एक सुंदर
दोहा २४४ · बालकाण्ड
दोहा पाठ
सब मंचन्ह तें मंचु एक सुंदर बिसद बिसाल। मुनि समेत दोउ बंधु तहँ बैठारे महिपाल॥ २४४ ॥
अर्थ
सब मंचों में से एक मंच और सुन्दर, उज्ज्वल और विशाल था। [स्वयं] राजा ने मुनि समेत दोनों भाइयों को उस पर बैठाया।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “विश्वामित्र का यज्ञशाला में प्रवेश” प्रकरण का दोहा २४४ है। इस प्रकरण में विश्वामित्र के साथ यज्ञशाला में श्रीराम-लक्ष्मण के प्रवेश और सभा के विविध भावमय दर्शन का वर्णन है।
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विश्वामित्र का यज्ञशाला में प्रवेश