रंगभूमि आए दोउ भाई

चौपाई ३, दोहा २४० के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

रंगभूमि आए दोउ भाई। असि सुधि सब पुरबासिन्ह पाई॥ चले सकल गृह काज बिसारी। बाल जुबान जरठ नर नारी॥ ३ ॥

अर्थ

दोनों भाई रंगभूमि में आये हैं, ऐसी सुधि जब सब पुरबासियों ने पाई, तब बाल, जवान, बूढ़े, नर-नारी सब गृह-काज बिसारकर चले।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “सीता का पार्वती पूजन, राम-लक्ष्मण संवाद” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा २४० के अंतर्गत है। इस प्रकरण में सीताजी का पार्वती पूजन, वरदान-प्राप्ति और राम-लक्ष्मण के मधुर संवाद का वर्णन है।

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सीता का पार्वती पूजन, राम-लक्ष्मण संवाद