हरषे मुनि सब सुनि बर बानी

चौपाई २, दोहा २४० के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

हरषे मुनि सब सुनि बर बानी। दीन्हि असीस सबहिं सुखु मानी॥ पुनि मुनिबृंद समेत कृपाला। देखन चले धनुषमख साला॥ २ ॥

अर्थ

इस श्रेष्ठ वाणी को सुनकर सब मुनि प्रसन्न हुए। सभी ने सुख मानकर आशीष दी। फिर मुनियों के समूह सहित कृपालु श्रीरामचन्द्रजी धनुषयज्ञशाला देखने चले।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “सीता का पार्वती पूजन, राम-लक्ष्मण संवाद” प्रकरण का चौपाई २, दोहा २४० के अंतर्गत है। इस प्रकरण में सीताजी का पार्वती पूजन, वरदान-प्राप्ति और राम-लक्ष्मण के मधुर संवाद का वर्णन है।

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सीता का पार्वती पूजन, राम-लक्ष्मण संवाद