रामु लखनु दसरथ के ढोटा
रामु लखनु दसरथ के ढोटा
चौपाई ४, दोहा २६९ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
रामु लखनु दसरथ के ढोटा। दीन्हि असीस देखि भल जोटा॥ रामहि चितइ रहे थकि लोचन। रूप अपार मार मद मोचन॥ ४ ॥
अर्थ
[विश्वामित्रजी ने कहा--] ये राम और लक्ष्मण राजा दशरथ के पुत्र हैं। उनकी सुन्दर जोड़ी देखकर परशुरामजी ने आशीर्वाद दिया। कामदेव के भी मद को छुड़ानेवाले श्रीरामचन्द्रजी के अपार रूप को देखकर उनके नेत्र थकित (स्तम्भित) हो रहे।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “जयमाल पहनाना” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा २६९ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में धनुषभंग के बाद सीता द्वारा श्रीराम को जयमाल अर्पण और देवताओं की पुष्पवर्षा का वर्णन है।
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जयमाल पहनाना