राम भालु कपि कटकु बटोरा

चौपाई २, दोहा २५ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

राम भालु कपि कटकु बटोरा। सेतु हेतु श्रमु कीन्ह न थोरा॥ नामु लेत भवसिंधु सुखाहीं। करहु बिचारु सुजन मन माहीं॥ २ ॥

अर्थ

श्रीरामजी ने तो भालू और बन्दरों की सेना बटोरी और समुद्र पर पुल बाँधने के लिए थोड़ा परिश्रम नहीं किया; परंतु नाम लेते ही संसार-समुद्र सूख जाता है। सज्जनगण ! मन में विचार कीजिए [कि दोनों में कौन बड़ा है]।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “रामनाम की महिमा” प्रकरण का चौपाई २, दोहा २५ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में रामनाम की सर्वोच्च महिमा और कलियुग में नाम-स्मरण के कल्याणकारी प्रभाव का वर्णन है।

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रामनाम की महिमा