राम सच्चिदानंद दिनेसा

चौपाई ३, दोहा ११६ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

राम सच्चिदानंद दिनेसा। नहिं तहँ मोह निसा लवलेसा॥ सहज प्रकासरूप भगवाना। नहिं तहँ पुनि बिग्यान बिहाना॥ ३ ॥

अर्थ

श्रीरामचन्द्रजी सच्चिदानन्दस्वरूप सूर्य हैं। वहाँ मोहरूपी रात्रि का लवलेश भी नहीं है। वे स्वभाव से ही प्रकाशरूप और भगवान् हैं, वहाँ तो विज्ञानरूपी प्रातःकाल भी नहीं होता।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “शिव-पार्वती संवाद” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा ११६ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में विवाह के बाद पार्वती द्वारा राम के स्वरूप और अवतार-रहस्य के विषय में शिवजी से प्रेमपूर्ण संवाद का वर्णन है।

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शिव-पार्वती संवाद