राजत राज समाज महुँ कोसलराज किसोर
राजत राज समाज महुँ कोसलराज किसोर
दोहा २४२ · बालकाण्ड
दोहा पाठ
राजत राज समाज महुँ कोसलराज किसोर। सुंदर स्यामल गौर तन बिस्व बिलोचन चोर॥ २४२ ॥
अर्थ
सुन्दर साँवले और गोरे शरीरवाले तथा विश्वभर के नेत्रों को चुरानेवाले कोसलराज के कुमार राजसमाज में [इस प्रकार] सुशोभित हो रहे हैं।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “विश्वामित्र का यज्ञशाला में प्रवेश” प्रकरण का दोहा २४२ है। इस प्रकरण में विश्वामित्र के साथ यज्ञशाला में श्रीराम-लक्ष्मण के प्रवेश और सभा के विविध भावमय दर्शन का वर्णन है।
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विश्वामित्र का यज्ञशाला में प्रवेश