पूँछेहु रघुपति कथा प्रसंगा
पूँछेहु रघुपति कथा प्रसंगा
चौपाई ४, दोहा ११२ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
पूँछेहु रघुपति कथा प्रसंगा। सकल लोक जग पावनि गंगा॥ तुम्ह रघुबीर चरन अनुरागी। कीन्हिहु प्रस्न जगत हित लागी॥ ४ ॥
अर्थ
जो तुमने श्रीरघुनाथजी की कथा का प्रसंग पूछा है, जो कथा समस्त लोकों के लिए जगत् को पवित्र करनेवाली गंगा के समान है। तुमने जगत् के कल्याण के लिए ही प्रश्न पूछा है। तुम श्रीरघुबीर के चरणों में प्रेम रखनेवाली हो।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “शिव-पार्वती संवाद” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा ११२ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में विवाह के बाद पार्वती द्वारा राम के स्वरूप और अवतार-रहस्य के विषय में शिवजी से प्रेमपूर्ण संवाद का वर्णन है।
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शिव-पार्वती संवाद