प्रेमबिबस नर नारि सब सखिन्ह सहित
प्रेमबिबस नर नारि सब सखिन्ह सहित
दोहा ३३७ · बालकाण्ड
दोहा पाठ
प्रेमबिबस नर नारि सब सखिन्ह सहित रनिवासु। मानहुँ कीन्ह बिदेहपुर करुनाँ बिरहँ निवासु॥ ३३७ ॥
अर्थ
सब स्त्री-पुरुष और सखियोंसहित सारा रनिवास प्रेमके विशेष वश हो रहा है। [ऐसा लगता है] मानो जनकपुरमें करुणा और विरहने डेरा डाल दिया है।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “श्रीसीता-राम विवाह” प्रकरण का दोहा ३३७ है। इस प्रकरण में श्रीसीता-राम सहित चारों राजकुमारों के विवाह और जनकपुर के मंगलमय उत्सव का वर्णन है।
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श्रीसीता-राम विवाह