प्रभु दोउ चापखंड महि डारे

चौपाई १, दोहा २६२ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

प्रभु दोउ चापखंड महि डारे। देखि लोग सब भए सुखारे॥ कौसिकरूप पयोनिधि पावन। प्रेम बारि अवगाहु सुहावन॥ १ ॥

अर्थ

प्रभु ने धनुष के दोनों टुकड़े पृथ्वी पर डाल दिये। यह देखकर सब लोग सुखी हुए। विश्वामित्ररूपी पवित्र समुद्र में, जिसमें प्रेमरूपी सुन्दर अथाह जल भरा है।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “धनुषभंग” प्रकरण का चौपाई १, दोहा २६२ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीराम द्वारा शिवधनुष-भंग और सभा में हर्षोल्लास का वर्णन है।

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धनुषभंग